The Call at 3:03 AM – रात 3:03 बजे किसका फोन था?
आदित्य एक पुराने होटल में रुका था।
उसे कमरा नंबर 17 दिया गया।
कमरा बड़ा था।
लेकिन उसमें एक अजीब बात थी।
उसमें कोई खिड़की नहीं थी।
आदित्य ने रिसेप्शन से पूछा।
मैनेजर ने कहा—
"इस कमरे में खिड़की कभी थी ही नहीं।"
दीवार के पीछे आवाज़रात करीब 2 बजे आदित्य को दीवार के पीछे से आवाज़ सुनाई दी।
कोई धीरे-धीरे दरवाज़ा खटखटा रहा था।
लेकिन दीवार के उस हिस्से के पीछे कोई कमरा नहीं था।
आदित्य ने दीवार पर हाथ रखा।
अंदर से किसी ने भी हाथ रखा।
वह तुरंत पीछे हट गया।
दीवार पर निशानसुबह दीवार पर एक नया निशान दिखाई दिया।
चार उँगलियों के निशान।
जैसे किसी ने अंदर से दीवार छुई हो।
आदित्य ने होटल स्टाफ को बताया।
मैनेजर का चेहरा बदल गया।
उसने कहा—
"आज रात यह कमरा बदल लेना।"
पुराना नक्शाआदित्य ने होटल का पुराना नक्शा देखा।
कमरा 17 के पीछे वास्तव में एक छोटा कमरा बना हुआ था।
लेकिन वह नक्शे के नए संस्करण में मौजूद नहीं था।
उस कमरे का नाम था—
"Observation Room."
अंदर कौन था?रात को आवाज़ फिर आई।
इस बार दीवार से फुसफुसाहट सुनाई दी—
"मुझे यहाँ बहुत समय हो गया है।"
आदित्य ने पूछा—
"कौन हो?"
जवाब आया—
"तुम्हारे आने का इंतज़ार कर रहा था।"
दीवार खुल गईअचानक दीवार का एक हिस्सा अपने आप खुल गया।
पीछे छोटा कमरा था।
अंदर पुरानी कुर्सी...
एक टेबल...
और दीवार पर दर्जनों तस्वीरें।
हर तस्वीर में अलग-अलग लोग कमरे 17 में सो रहे थे।
आखिरी तस्वीर...
आदित्य की थी।
वह उसी रात की थी।
कुणाल के फोन पर रात 3:03 बजे कॉल आई।
स्क्रीन पर नंबर देखकर वह चौंक गया।
कॉल उसकी अपनी थी।
उसने कुछ सेकंड तक फोन को देखा।
फिर कॉल उठा ली।
दूसरी तरफ उसकी ही आवाज़ थी।
"कुणाल, दरवाज़ा मत खोलना।"
कॉल कट गई।
दूसरी कॉलकुछ सेकंड बाद फिर फोन बजा।
इस बार भी वही नंबर।
उसने कॉल उठाई।
आवाज़ आई—
"मैं पाँच मिनट बाद तुम्हारे घर आऊँगा।"
कुणाल ने पूछा—
"कौन?"
आवाज़ ने कहा—
"तुम।"
दरवाज़े पर दस्तकठीक पाँच मिनट बाद दरवाज़े पर दस्तक हुई।
टक...
टक...
टक...
कुणाल ने पीपहोल से देखा।
बाहर कोई नहीं था।
फिर फोन बजा।
"मैंने कहा था दरवाज़ा मत खोलना।"
कुणाल के हाथ काँपने लगे।
रिकॉर्डिंगउसने पिछली कॉल रिकॉर्डिंग सुनी।
आवाज़ उसकी थी।
लेकिन एक फर्क था।
रिकॉर्डिंग में पीछे से कोई और भी बोल रहा था।
बहुत धीमी आवाज़ में—
"उसे अंदर आने दो।"
कैमरे में कौन था?कुणाल ने घर का CCTV खोला।
दरवाज़े के बाहर कोई नहीं था।
लेकिन कैमरे के पीछे...
एक आदमी खड़ा था।
वह बिल्कुल कुणाल जैसा दिख रहा था।
वह कैमरे की तरफ देख रहा था।
और मुस्कुरा रहा था।
आखिरी कॉल3:15 बजे फिर फोन आया।
इस बार कुणाल ने फोन नहीं उठाया।
लेकिन फोन अपने आप स्पीकर पर चला गया।
आवाज़ आई—
"अब बहुत देर हो चुकी है।"
तभी घर की सारी लाइटें बंद हो गईं।
दरवाज़ा धीरे-धीरे खुलने लगा।
सुबहसुबह पड़ोसियों ने कुणाल का घर खुला पाया।
घर के अंदर सब कुछ सामान्य था।
कुणाल नहीं था।
टेबल पर उसका फोन रखा था।
फोन की स्क्रीन पर एक आखिरी कॉल दिखाई दे रही थी।
समय—
3:03 AM
और कॉल गई थी...
कुणाल के नंबर पर।
कई लोगों ने इस घटना को real horror story in hindi कहा।
लेकिन इस घटना का कोई आधिकारिक जवाब कभी नहीं मिला।
ऐसी horror story in hindi में सबसे डरावना सवाल यही होता है—
अगर फोन करने वाला खुद आप हों...
तो फोन उठाने वाला कौन है?
शायद ऐसी unexpected stories का जवाब किसी फोन रिकॉर्ड में कभी नहीं मिलता।
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