Directory Image
This website uses cookies to improve user experience. By using our website you consent to all cookies in accordance with our Privacy Policy.

विश्व रेडियो दिवस : अमरेली के सेवानिवृत्त शिक्षक सुलेमान दल का घर है 'रेडियो संग्रहालय'

Author: Naman Chouhan
by Naman Chouhan
Posted: Feb 16, 2023

इस साल 13 फरवरी को जब पूरी दुनिया में 'रेडियो दिवस' मनाया जा रहा है। वहीं इसी बीच अमरेली जिले के चलाला गांव के एक सेवानिवृत्त शिक्षक सुलेमान दल का रेडियो प्रेम सभी के लिए प्रेरणा बना हुआ है। वाल्व रेडियो से लेकर अत्याधुनिक कारवां तक ​​200 रेडियो के संग्रह के साथ सुलेमान एक सच्चे प्रशंसक और रेडियो के व्यवसायी हैं। उनमें खराब रेडियो को फिर से चालू करने का जुनून है।13 फरवरी को जहां पूरे विश्व में 'रेडियो दिवस' मनाया जा रहा है। वहीं स्मार्टफोन के युग में आज भी हमारा रेडियो बहुत आधुनिक और जीवंत है। इसका इतना महत्व है कि रेडियो को मोबाइल में शामिल करना होगा। 'विश्व रेडियो दिवस' की तारीख देखने पर पता चलता है कि यूनेस्को द्वारा पहली बार 13 फरवरी 2012 को 'विश्व रेडियो दिवस' मनाया गया था।

अमरेली जिले के चलाला गांव के एक सेवानिवृत्त शिक्षक सुलेमान दल का रेडियो प्रेम सभी के लिए प्रेरणा बना हुआ है। रेडियो आज भी पहले जैसा ही है, लेकिन रेडियो का स्वरूप बदल गया है। कभी वाल्व वाले एंटीना से चलने वाला रेडियो अब लोगों के मोबाइल फोन से लेकर नाइट लैंप तक पहुंच गया है। ऐसे में चलाला के रेडियो कलेक्टर सुलेमान भाई दल के रेडियो संग्रह और रेडियो के प्रति उनके प्रेम के बारे में बातें जानने लायक हैं।

सुलेमानभाई दल जैसे ही घर में प्रवेश करते हैं, चौतरफा रेडियो दिखाई देते हैं। घर के अलग-अलग हिस्सों में आप जहां भी देखते हैं, सिर्फ रेडियो ही नजर आते हैं। ये सभी रेडियो अभी भी चल रहे हैं और काम करने की स्थिति में हैं।

77 वर्षीय सुलेमानभाई विभिन्न कंपनियों के विभिन्न तंत्रों और विभिन्न प्रकार और आकार के दुर्लभ रेडियो के भी मालिक हैं। ये रेडियो सिर्फ संग्रह के लिए नहीं हैं बल्कि वे इसके हर विवरण का अध्ययन करते हैं। उन्हें रेडियो के हर हिस्से की जानकारी है। वे कहीं से भी टूटे हुए रेडियो के मूल पुर्जों को ढूंढकर खुद उसकी मरम्मत करते हैं। उनके पास ऐसे कई रेडियो हैं।

रेडियो के शौक के बारे में जानकारी देते हुए दल कहते हैं कि मुझे बचपन से ही रेडियो का शौक था, चलाला में डॉ. पोटा नाम के एक डॉक्टर रहते थे, जिनके घर में रेडियो था। जब मैं छह साल का था तो हम उनके घर रेडियो सुनने जाया करते थे। फिर साल 1964 में जब मैं टेक्निकल पढ़ने अमरेली गया तो मुझे इलेक्ट्रॉनिक चीजों और खासकर रेडियो का शौक था।

मेरी एक रेडियो बिक्री की दुकान थी, इसलिए मुझे रेडियो का बहुत शौक था। हालांकि रेडियो कलेक्शन की शुरुआत साल 2000 में नौकरी से रिटायर होने के बाद हुई। इन रेडियो को एकत्रित करते हुए आज मेरे संग्रह में 72 विभिन्न वाल्व रेडियो और 122 ट्रांजिस्टर रेडियो कुल 200 रेडियो हैं। ये सभी रेडियो चालू हालत में हैं।

About the Author

My name is naman singh chouhan, I am working from indic media

Rate this Article
Leave a Comment
Author Thumbnail
I Agree:
Comment 
Pictures
Author: Naman Chouhan

Naman Chouhan

Member since: Dec 16, 2022
Published articles: 18