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The Last Reader – आखिरी पाठक

Author: Divant Sharma
by Divant Sharma
Posted: Sep 17, 2026

शहर की पुरानी लाइब्रेरी रात 10 बजे बंद हो जाती थी।

लेकिन सुमित, जो वहाँ नाइट सिक्योरिटी करता था, एक अजीब चीज़ नोटिस करता था।

हर रात ठीक 11:30 बजे लाइब्रेरी की तीसरी मंज़िल पर एक कुर्सी अपने आप खिसकती थी।

पहली बार उसने सोचा कि शायद चूहा होगा।

दूसरी रात उसने ऊपर जाकर देखा।

कुर्सी खाली थी।

लेकिन उसके सामने एक किताब खुली हुई थी।

किताब के पन्ने पर लिखा था—

"आज सुमित ऊपर आएगा।"

सुमित के हाथ से टॉर्च गिरते-गिरते बची।

अगली रात उसने जानबूझकर तीसरी मंज़िल पर कैमरा लगा दिया।

11:30 बजे रिकॉर्डिंग शुरू हुई।

कुर्सी अपने आप पीछे खिसकी।

फिर एक आदमी आकर कुर्सी पर बैठ गया।

सुमित ने स्क्रीन को ज़ूम किया।

आदमी का चेहरा साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था।

वह सिर्फ़ किताब पढ़ रहा था।

11:45 पर आदमी उठा।

और कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुराया।

अगले ही पल रिकॉर्डिंग बंद हो गई।

सुमित तुरंत ऊपर गया।

कुर्सी पर वही किताब पड़ी थी।

लेकिन अब उसमें एक नया वाक्य था—

"तुमने मुझे देख लिया है।"

सुमित ने किताब बंद कर दी।

तभी उसके पीछे कुर्सी खिसकने की आवाज़ आई।

वही आदमी वहाँ बैठा था।

सुमित ने पूछा—

"तुम कौन हो?"

आदमी ने किताब की तरफ इशारा किया।

"इसे पढ़ो।"

सुमित ने किताब खोली।

पहले पन्ने पर उसकी नौकरी का पहला दिन लिखा था।

अगले पन्ने पर उसकी रोज़ की दिनचर्या।

फिर उसके परिवार के बारे में बातें।

आखिरी पन्ने पर लिखा था—

"11:55 — सुमित गायब हो जाएगा।"

घड़ी में 11:54 थे।

सुमित ने किताब फेंक दी और सीढ़ियों की तरफ भागा।

लेकिन तीसरी मंज़िल की सीढ़ियाँ खत्म ही नहीं हो रही थीं।

वह जितना नीचे जाता, उतनी ही सीढ़ियाँ सामने आ जातीं।

पीछे से आदमी की आवाज़ आई—

"तुम हर रात मुझे यहाँ अकेला छोड़ देते हो।"

सुमित रुक गया।

उसने पीछे देखा।

आदमी अब बिल्कुल पास था।

इस बार उसका चेहरा साफ़ था।

वह...

सुमित खुद था।

सुबह लाइब्रेरी खुली।

सिक्योरिटी रूम में सुमित की कुर्सी खाली थी।

उसकी टेबल पर सिर्फ़ एक पुरानी किताब रखी थी।

लाइब्रेरियन ने किताब खोली।

आखिरी पन्ने पर एक नई लाइन लिखी थी—

"आज रात नया सिक्योरिटी गार्ड आएगा।"

उसी समय तीसरी मंज़िल से कुर्सी खिसकने की आवाज़ आई।

घिस्स्स...

फिर किसी ने धीरे से किताब खोली।

और पहला वाक्य लिखा गया—

"आज रात वह भी ऊपर आएगा।"

इस घटना को कुछ लोग real horror story in hindi की तरह सुनाते हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

ऐसी horror story in hindi में डर किताब या लाइब्रेरी से नहीं, बल्कि उस चक्र से पैदा होता है जिसमें एक इंसान बार-बार वही गलती दोहराता रहता है।

और ऐसी unexpected stories का सबसे डरावना सवाल यही है—

अगर हर रात एक नया पाठक उस किताब को पढ़ता है, तो पहला पाठक कौन था?

पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:Unexpected stories.in

About the Author

Exploring the world of horror, mystery, and suspense through engaging Hindi stories with unexpected twists and thrilling experiences.

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Divant Sharma

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