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The Midnight Elevator – आधी रात की लिफ्ट
Posted: Oct 04, 2026
रात के करीब 12 बजे सुमित अपने ऑफिस से घर लौट रहा था।
वह एक पुराने अपार्टमेंट में रहता था, जिसकी लिफ्ट अक्सर खराब रहती थी।
उस रात जैसे ही वह लॉबी में पहुँचा, लिफ्ट के दरवाज़े अपने आप खुल गए।
अंदर कोई नहीं था।
सुमित ने 8वीं मंज़िल का बटन दबाया।
लिफ्ट ऊपर जाने लगी।
गलत मंज़िललिफ्ट 4वीं मंज़िल पर अचानक रुक गई।
दरवाज़ा खुला।
बाहर पूरा गलियारा अंधेरे में था।
सुमित ने सोचा शायद किसी ने लिफ्ट बुलाई होगी।
लेकिन कोई अंदर नहीं आया।
दरवाज़े बंद हुए और लिफ्ट फिर चल पड़ी।
अचानक डिस्प्ले पर 4 की जगह एक अजीब निशान दिखाई दिया।
सुमित ने पहले कभी वह निशान नहीं देखा था।
आवाज़लिफ्ट 6वीं मंज़िल पर पहुँची।
दरवाज़ा खुला।
बाहर एक छोटी बच्ची खड़ी थी।
उसने लाल रंग की फ्रॉक पहन रखी थी।
बच्ची ने पूछा—
"आप 8वीं मंज़िल जा रहे हैं?"
सुमित ने कहा—
"हाँ।"
बच्ची मुस्कुराई।
"मैं भी।"
वह लिफ्ट में आ गई।
बच्ची का सवाललिफ्ट फिर ऊपर जाने लगी।
बच्ची लगातार सुमित को देख रही थी।
फिर उसने पूछा—
"आपको ऊपर वाला कमरा याद है?"
सुमित ने कहा—
"कौन-सा कमरा?"
बच्ची ने जवाब नहीं दिया।
उसने सिर्फ़ लिफ्ट के शीशे में पीछे की तरफ देखा।
सुमित ने भी शीशे में देखा।
उन दोनों के पीछे...
एक तीसरा आदमी खड़ा था।
लेकिन वहाँ कोई नहीं थासुमित तुरंत पीछे मुड़ा।
लिफ्ट खाली थी।
बच्ची हँसने लगी।
"आपने उसे देख लिया।"
सुमित ने घबराकर पूछा—
"किसे?"
बच्ची ने कहा—
"जो हर रात इस लिफ्ट में जाता है।"
उसी समय लिफ्ट की सारी लाइटें बंद हो गईं।
8वीं मंज़िललाइट वापस आई।
लिफ्ट 8वीं मंज़िल पर पहुँच चुकी थी।
दरवाज़ा खुला।
सुमित बाहर निकलने लगा।
बच्ची ने उसका हाथ पकड़ लिया।
"मत जाइए।"
सुमित ने पूछा—
"क्यों?"
बच्ची ने फुसफुसाकर कहा—
"यह आपकी मंज़िल नहीं है।"
सुमित ने डिस्प्ले देखा।
वहाँ 8 नहीं लिखा था।
लिखा था—
13
13वीं मंज़िलसुमित घबरा गया।
उसकी बिल्डिंग में सिर्फ़ 8 मंज़िलें थीं।
फिर 13वीं मंज़िल कहाँ से आ गई?
गलियारे में सन्नाटा था।
दीवार पर लगे हर दरवाज़े पर एक ही नंबर लिखा था—
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अचानक सबसे आखिरी दरवाज़ा खुल गया।
अंदर से किसी आदमी की आवाज़ आई—
"सुमित, तुम बहुत देर से आए हो।"
पुराना सचसुमित पीछे हट गया।
तभी बच्ची ने कहा—
"यह वही मंज़िल है जहाँ मैं रहती थी।"
"लेकिन तुम यहाँ कैसे रहती थीं?"
बच्ची ने उसकी तरफ देखा।
"मैं अब नहीं रहती।"
उसने एक पुरानी फोटो सुमित को दी।
फोटो में वही बच्ची थी।
नीचे तारीख़ थी—
1998
सुमित के हाथ काँपने लगे।
वापस लिफ्ट मेंसुमित ने बच्ची का हाथ पकड़ा और लिफ्ट में वापस भागा।
उसने 8 का बटन दबाया।
लिफ्ट नीचे जाने लगी।
13...
12...
11...
फिर अचानक डिस्प्ले बंद हो गया।
बच्ची ने कहा—
"अब आँखें बंद कर लो।"
सुमित ने आँखें बंद कर लीं।
कुछ सेकंड बाद लिफ्ट रुकी।
बच्ची ने कहा—
"अब खोलो।"
सुमित ने आँखें खोलीं।
वह अपने घर की मंज़िल पर था।
बच्ची गायब थी।
अगली सुबहसुमित ने बिल्डिंग के पुराने चौकीदार से उस बच्ची की तस्वीर दिखाई।
चौकीदार कुछ देर तस्वीर देखता रहा।
फिर बोला—
"यह लड़की तो बहुत साल पहले मर गई थी।"
सुमित ने पूछा—
"कहाँ?"
चौकीदार ने ऊपर देखा।
"तेरहवीं मंज़िल पर।"
सुमित का चेहरा सफेद पड़ गया।
"लेकिन इस बिल्डिंग में तो सिर्फ़ आठ मंज़िल हैं।"
चौकीदार ने धीरे से कहा—
"अब हैं।"
उस दिन के बाद सुमित ने रात में कभी लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं किया।
लेकिन कुछ दिनों बाद उसने देखा कि उसके फोन में एक नया वीडियो मौजूद था।
वीडियो में वह खुद लिफ्ट में खड़ा था।
उसके पास वही बच्ची थी।
और उसके पीछे...
एक आदमी खड़ा था।
वीडियो के आखिरी सेकंड में उस आदमी ने कैमरे की तरफ देखकर कहा—
"अगली बार अकेले मत आना।"
इस घटना को कई लोग real horror story in hindi मानते हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यह सिर्फ़ सुमित का भ्रम था।
लेकिन बिल्डिंग के पुराने रिकॉर्ड में 1998 की एक घटना दर्ज है जिसमें एक बच्ची के लिफ्ट से गायब होने की बात लिखी गई थी।
ऐसी horror story in hindi का डर यही है कि रोज़मर्रा की चीज़—जैसे लिफ्ट—भी अचानक अनजान जगह तक ले जा सकती है।
और ऐसी कई unexpected stories में सबसे अजीब बात यह होती है कि घटना खत्म होने के बाद भी उसके निशान कहीं न कहीं रह जाते हैं।
सुमित के मामले में वह निशान आज भी मौजूद है।
उसकी बिल्डिंग की लिफ्ट में...
13 नंबर का एक बटन अब भी लगा हुआ है।
पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ: Unexpected stories.in
About the Author
Exploring the world of horror, mystery, and suspense through engaging Hindi stories with unexpected twists and thrilling experiences.
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