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The Shadow on the Terrace – छत पर किसकी परछाई थी?
Posted: Oct 12, 2026
शहर से बाहर एक पुरानी सड़क थी।
सड़क के आखिरी छोर पर एक अकेला घर खड़ा था।
लोग उसे आखिरी घर कहते थे।
अर्जुन को उस घर के बारे में पहली बार अपने दोस्त से पता चला।
दोस्त ने कहा—
"वहाँ कभी मत जाना।"
अर्जुन ने पूछा—
"क्यों?"
दोस्त ने सिर्फ़ इतना कहा—
"क्योंकि जो अंदर जाता है, वह वापस आने से पहले बदल जाता है।"
घर की पहली झलकएक रात अर्जुन अपनी कार से उसी रास्ते पर जा रहा था।
बारिश तेज़ थी।
अचानक उसकी कार बंद हो गई।
मोबाइल में नेटवर्क नहीं था।
दूर एक घर की रोशनी दिखाई दी।
वही आखिरी घर।
अर्जुन मजबूरी में वहाँ चला गया।
दरवाज़ा खुला थाउसने दरवाज़ा खटखटाया।
दरवाज़ा अपने आप खुल गया।
अंदर कोई नहीं था।
लेकिन घर गर्म था।
जैसे कोई अभी-अभी वहाँ से गया हो।
टेबल पर चाय का कप रखा था।
कप से भाप निकल रही थी।
दीवार पर तस्वीरअर्जुन ने कमरे में एक पुरानी तस्वीर देखी।
तस्वीर में एक परिवार खड़ा था।
माँ...
पिता...
एक बच्चा...
और पीछे एक कार।
अर्जुन उस कार को पहचानता था।
वह उसकी अपनी कार जैसी थी।
ऊपर से आवाज़तभी ऊपर से किसी बच्चे के दौड़ने की आवाज़ आई।
अर्जुन सीढ़ियों के पास गया।
ऊपर कोई नहीं था।
फिर बच्चे की आवाज़ आई—
"आप देर से आए।"
अर्जुन ने पूछा—
"कौन हो?"
जवाब मिला—
"जिसे आप छोड़कर गए थे।"
रिया हर रात सोने से पहले अपनी बालकनी में कुछ मिनट खड़ी होती थी।
उसके सामने वाली बिल्डिंग की छत हमेशा खाली रहती थी।
लेकिन एक रात उसने वहाँ एक परछाई देखी।
एक आदमी की परछाई।
छत पर कोई नहीं थारिया ने ध्यान से देखा।
परछाई चल रही थी।
लेकिन छत पर कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
उसने मोबाइल से वीडियो बनाया।
वीडियो में भी परछाई साफ़ दिखाई दे रही थी।
हर रात वही समयअगली रात परछाई फिर दिखाई दी।
ठीक 12:12 बजे।
तीसरी रात भी।
चौथी रात भी।
हर बार परछाई धीरे-धीरे छत के किनारे तक आती।
फिर अचानक गायब हो जाती।
पड़ोसी की चेतावनीरिया ने पड़ोसी से पूछा।
उसने कहा—
"उस छत पर दस साल पहले एक आदमी की मौत हुई थी।"
रिया ने पूछा—
"कैसे?"
पड़ोसी ने जवाब नहीं दिया।
सिर्फ़ कहा—
"रात में छत की तरफ मत देखना।"
परछाई बालकनी तक पहुँचीएक रात रिया ने देखा कि परछाई छत पर नहीं थी।
वह उसकी अपनी बिल्डिंग की दीवार पर थी।
धीरे-धीरे नीचे आ रही थी।
रिया पीछे हट गई।
परछाई उसके कमरे की खिड़की तक पहुँची।
फिर रुक गई।
खिड़की पर दस्तकटक...
टक...
टक...
रिया ने पर्दा नहीं हटाया।
फिर आवाज़ आई—
"मुझे देखो।"
रिया ने आँखें बंद कर लीं।
कुछ सेकंड बाद सब शांत हो गया।
अगली सुबहसुबह रिया ने खिड़की खोली।
बाहर कोई नहीं था।
लेकिन काँच पर उँगली से एक शब्द लिखा था—
"कल।"
उस रात रिया ने कहीं और जाने का फैसला किया।
लेकिन जाने से पहले उसने आखिरी बार वीडियो देखा।
वीडियो में परछाई उसकी बिल्डिंग पर नहीं थी।
वह रिया के कमरे के अंदर खड़ी थी।
और कैमरे की तरफ देख रही थी।
रिया ने उस घटना के बाद वह घर छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों के बीच यह घटना real horror story in hindi के रूप में जानी जाती है।
ऐसी horror story in hindi में डर सिर्फ़ किसी परछाई का नहीं होता।
डर तब शुरू होता है जब आपको एहसास हो कि वह परछाई आपको भी देख रही थी।
और ऐसी unexpected stories में सबसे अजीब बात यही है कि कभी-कभी रोशनी में दिखाई देने वाली चीज़...
अंधेरे से ज्यादा डरावनी होती है।
पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:Unexpected Stories.in
About the Author
Exploring the world of horror, mystery, and suspense through engaging Hindi stories with unexpected twists and thrilling experiences.
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